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Continuing from the experiment and taking it a bit further I recommend two posts in particular.

One is from Nitin Bagla for presenting a 'leaked question paper' of Master of Hindi Blogging examination where sattire on style and habits of prominant hindi bloggers is hilarious :

प्रश्न ४. २१ वीं सदी में पत्नी उत्पीडन में चिट्ठाकारिता की भूमिका, दस नर-चिट्ठाकारों के उदाहरण देकर समझाइये। “हर सफल ब्लागर के पीछे एक महिला की हाय होती हैं” इस कथन पर अपनी सहमति/असहमति कारण सहित दर्ज कराइये।

Then came even more hilarious yet thoughtful sattire by none other than Fursatiya who targeted Srijan and company while justifying tatasthtaa of certain bloggers to the ongoing Mohalla saga. His punches pains a lot but one can't complain.

तट्स्थ माने होता है तट पर स्थित होना। कवि अगर कहता है कि तट पर रहने
वालों के अपराध लिखे जायेंगे तो उसे सोचना चाहिये कि लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं। लोग किनारे पर इसलिये नहीं बैठे हैं कि वे डूबने से डरते हैं। डूबने का डर है ही कहां जब नदियों का पानी कम हो रहा है। बात नदियों में गंदगी की है। नदियां इतनी गंदी हैं कि उनमें उतरने का मन ही नहीं करता।


So thats it. Do look at these for a feel of actual state of Hindi Blogging River's 'gandagi'. Anyway for a look at the wider sea, here is a list of all posts of 29.04.2007



अनुभव



Best Ghazals, Nazms in Hindi, Urdu & Roman scripts



    Iftikhar Nasim's ghazal indscribe Sun Apr 29 06:03:00 IST 2007 (Best Ghazals, Nazms in Hindi, Urdu & Roman scripts)

I'm Vikash & this is my world...!



    कई दिन विकास कुमार Sun Apr 29 10:09:00 IST 2007 (I'm Vikash & this is my world...!)

क़िस्से हैं



mamta t.v.



Meri Katputliyaan



    आभास Beji Sun Apr 29 16:44:00 IST 2007 (Meri Katputliyaan)

ROZ EK SHER



    ROZ EK SHER Hindi Granth Karyalaya Sun Apr 29 12:11:00 IST 2007 (ROZ EK SHER)

Srijan Shilpi



अज़दक



आईना



    माँ जगदीश भाटिया Sun Apr 29 20:34:03 IST 2007 (आईना)

आवारा बंजारा



आसमान



    Untitled sushmakaul Sun Apr 29 17:26:36 IST 2007 (आसमान)

इन्द्रधनुष



उडन तश्तरी ....



क्यो ?मन्थन



छुट-पुट



दीपकबापू कहिन



दीपक भारतदीप का चिंतन



देसीटून्ज़



पसंद



पूंजी बाजार



फुरसतिया



बजार पर अवैध अतिक्रमण



भारतदीप की कवितायेँ, चिन्तन और संपादकीय



    अपने ही शहर में अजनबी दीपकराज समूह के चिट्ठों का एक मंच Sun Apr 29 22:30:00 IST 2007 (भारतदीप की कवितायेँ, चिन्तन और संपादकीय)
    अपने ही शहर में अजनबी दीपकराज समूह के चिट्ठों का एक मंच Sun Apr 29 22:30:00 IST 2007 (भारतदीप की कवितायेँ, चिन्तन और संपादकीय)

महाशक्ति



मेरा पन्ना



हिन्द-युग्म



मोहल्ला



यूनुस खान का हिंदी ब्‍लॉग : रेडियो वाणी ----yunus khan ka hindi blog RADIOVANI



रचनाकार



रचनाकार



रत्ना की रसोई



राग- हिन्दी में



राजलेख का हिन्दी चिट्ठा



समझ



हिन्दी पन्ना



ज्ञानदत्त पाण्डेय की मानसिक हलचल



चिट्ठा चर्चा



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4 comments

  1. अनूप शुक्ला  

    11:20 AM

    सच तो यह है कि हमारे निशाने पर कोई नहीं है। सृजन से कुछ मौज जरूर ली है लेकिन वह हमारा हक है! है कि नहीं :)

  2. Nitin Bagla  

    1:06 AM

    A small correction
    The leaded paper was for 'Master of Blogging'...

  3. Nitin Bagla  

    1:06 AM

    *leaked

  4. masijeevi  

    1:28 PM

    thankyou sir! for corrections :)